दोस्तों,
क्या करूँ, कुछ समझ मे नहीं आ रहा .
कहाँ जाऊं ,मन नहीं लग रहा यहाँ .
होली मे घर जा नहीं सकता ,परीक्षा है कुछ दिनों के बाद |
होली मै यहाँ मै मना नहीं सकता , रंगों की नासमझी है यहाँ |
... कहीं घुमने जाने का मन नहीं करता ,कमरे मे जी नहीं लगता |
उहाफोह मे पड़ा हुआ हूँ , जीवन नैया खे रहा हूँ |.............SRT
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