ज्वलन्त विचार
by Shriram Tiwary on Thursday, 17 March 2011 at 10:05
नास्तिक होना अच्छा है या बुरा है ,इस मुद्दे पर मेरी जानकारी थोडा सा कम है |पर इतना तो पता ही है की आशा और विश्वास पर दुनिया कायम है और आस्तिक लोग आशावान होते हैं |क्यूँकि वे भूल से या जानबूझकर ही सही भगवान पर आशा या विश्वास करने लग जाते हैं.|और नास्तिक लोग नकरातम विचारों एवं निराशा के धनी हों जातें हैं | मुझे लगता है एक वैज्ञानिक भी पूर्ण रूप से नास्तिक नहीं होता , नही तो वो भी आशा एवं सकारात्मक विचारों के अभाव मे कोई शोध कार्य जीवन मे पूरा नहीं कर सकता है,,क्यूंकि नास्तिक्तापन की वजह से उसमे नकारात्मकता एवं निराशा आ जाएगी फिर वह अवसाद ग्रस्त हों जायेगा.२०वीं सतबादी के सबसे बड़े बुध्जीवी थे अल्बर्ट आइन्स्टीन वो भी भी ईश्वर की सत्ता मे विश्वास करते थे ,क्यूंकि बिना सकारात्मक विचार और आशा के विज्ञानं मे भी कुछ संभव नहीं है | SO BE A OPTIMIST MA FRZZZZZ...............................SRT
- You, Rashmi Patel and Sagar Gujrati like this.
- Ml Gurjar मेरा सुझाव है की ..शहीदे आज़म सरदार भगत सिंह ..का लेख ..में नास्तिक क्यों हूँ पढना चहिये ..8 hours ago · · 1 personLoading...
- Shriram Tiwary आपका सुझाव आदर योग्य है |पर आपको मै बता दूँ उनका उस समय किसी ख़ास मकसद,वजह से विरक्ति हों गयी थी धर्मं से पर आप गौर कीजिएगा उन्होंने कभी पगड़ी पहनना नहीं छोड़ा था क्यों ????????????? उस ख़ास एक निश्चित वक़्त मे उन्होंने देश हित के लिए नास्तिक्तापन की बात किये होंगे जो देश की क्रांति और देश हित के लिए जरूरी थी ,वो क्रांति मे सभी धर्मों की एकता चाहते थे तभी तो उन्होंने असफाक को अपने साथ रखते थे|8 hours ago · · 1 person
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